संत सुंदरदास जी महाराज की 430 वीं जयंती मनाई
अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा भवन में आयोजन
जयपुर। अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा भवन, शास्त्री नगर, जयपुर पर समाज के राष्ट्रीय संत सुंदरदास जी महाराज की 430वी जयंती उत्साह पूर्वक मनाई गई । महासभा भवन मे स्थापित संत सुन्दरदासजी बलरामदासजी मंदिर में फूल मालाओं से सजावट कर आरती की गई ।
इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र गुप्ता तूंगावाला, मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजीव कुमार कट्टा, आजीवन संरक्षक गण श्री गोविंद जी धामाणी, श्री लल्लू राम जी मोदी, श्री हनुमान सहाय जी ओढ, श्री कृष्ण मोहन जी खंडेलवाल व श्री सुरेश जी कूलवाल महासभा पत्रिका प्रभारी श्री राम स्वरूप ताम्बी सह प्रभारी श्री रामबाबू गुप्ता प्रधान संपादक श्री राम निरंजन खुटेंटा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी, प्रोफेसर रमेश कुमार रावत, गंगटोक तथा कई समितियों के संयोजक, कार्यकारणी सदस्य आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।
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उपस्थित सभी समाज बन्धुओ ने चर्चा में संत सुन्दरदासजी ( विक्रम संवत 1653- विक्रम संवत 1746) को भक्तिकाल का एक महान संत कवि बताया और कहा कि उनकी विद्वता के कारण उन्हें हिंदी साहित्य का शंकराचार्य कहा जाता है । ज्ञान और भक्ति का मेल अन्य निर्गुण संतों की तुलना में वे अत्यधिक शिक्षित थे । उन्होंने संस्कृत, दर्शन और व्याकरण का गहन अध्ययन किया था, जिसका प्रभाव उनकी प्रसिद्ध रचना सुन्दरविलास में स्पष्ट दिखता है ।



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