वडोदरा में गणेश प्रतिमा पर अंडे फेंकने 3 बदमाश अजमेर से गिरफ्तार



वडोदरा। गुजरात के वडोदरा शहर में गणेश मूर्ति पर अंडे फेंकने के मामले में पुलिस ने अजमेर से भी तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है. इस घटना के बाद वडोदरा में तनाव फैल गया था. लोग इस शर्मनाक घटना का जमकर विरोध कर रहे थे. अब इस मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में पता चला है कि पानीगेट-मांडवी रोड पर मद्दार मार्केट की छत से गणेश मूर्ति पर अंडे फेंके गए थे. पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को पकड़ा है. जिनका नाम जुनैद उर्फ मोटा मगर और जावेद उर्फ नाना मगर को गिरफ्तार किया गया है. 

पुलिस ने इस मामले में जांच की तो पता चला कि शहर की साम्प्रदायिक शांति भंग करने की साज़िश रची गई थी.  इसके पहले सिटी पुलिस स्टेशन टीम ने पहले ही एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को किया था गिरफ्तार. दो आरोपी वर्तमान में तीन दिन की पुलिस रिमांड पर हैं. फिलहाल पुलिस जांच जारी है अन्य आरोपियों की भी संलिप्तता होने की संभावना है.

मामला 25 अगस्त की रात देर रात का है. करीब 2:30 बजे पानीगेट इलाके के पास कुछ अज्ञात लोगों ने मद्दार मार्केट की छत से मूर्ति पर अंडे फेंक दिए. इस घटना के बाद से गणेश मंडलों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया. 


अब तक 8 पकड़े

घटना की सूचना मिलते ही वडोदरा पुलिस हरकत में आई। सिटी पुलिस स्टेशन ने तुरंत 12 जांच टीमें बनाईं और सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की. शुरुआत में पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा, जिनमें सूफियान मंसूरी (20), शाहनवाज कुरैशी (29) और एक नाबालिग शामिल थे. 


बाद में इस मामले में दो और आरोपियों, जुनैद उर्फ मोटा मगर और जावेद उर्फ नाना मगर को गिरफ्तार किया गया. अब अजमेर से अनस पुत्र मोहम्मद इरशाद कुरैशी, जुनैद पुत्र सलीम और समीर पुत्र अजीम शेख को पकड़ा है. वडोदरा पुलिस ने इसे सांप्रदायिक शांति भंग करने की साजिश बताया है.





आरोपियों का जुलूस निकाला, माफी मंगवाई
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक अनोखा कदम उठाया. पानीगेट इलाके में आरोपियों का जुलूस निकाला गया, जहां उनके हाथ रस्सियों से बंधे थे और उन्होंने घुटनों पर बैठकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. डीसीपी क्राइम हिमांशु वर्मा ने बताया, "यह जुलूस जांच और घटना के रीकंस्ट्रक्शन का हिस्सा था. हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अंडे फेंकने के पीछे मकसद क्या था.

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