दरगाह मेले पर रोक के बावजूद, भाजपा नेता ने चढ़ाई चादर; सीएम ने बताया था आक्रांता
बहराइच। जिस सालार मसूद गाजी को सीएम योगी ने आक्रांता बताया था उसी की मजार पर जाकर शुक्रवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने चादर चढ़ाई। हालांकि इस मौके पर उन्होंने खुद को श्रीराम का वंशज भी बताया।
जमाल सिद्दीकी शुक्रवार को शहर स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पहुंचे और चादर चढाकर जियारत की। मदरसों पर हो रही कार्रवाई पर जमाल सिद्दकी ने कहा कि एक्शन सिर्फ उन अवैध मदरसों के खिलाफ हो रहा है जो चंदा लेकर बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं।
उन्होंने ये भी कहा कि पहले सनातन था, इस्लाम बाद में आया, इसलिए हम सभी श्रीराम के वंशज हुए। जम्मू-कश्मीर के नेता रणवीर सिंह पठानिया द्वारा दिये गए आपरेशन सिंदूर के एक विवादित बयान के खिलाफ जमाल सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने भांग पीकर बयान दिया होगा जिसकी मैं निंदा करता हूं।
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लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर भी रोक लगने से नहीं लगा मेला
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज के जंगल में बिछिया-मिहीपुरवा मुख्य मार्ग से 500 मीटर दूर जंगल में लक्कड़ शाह बाबा की दरगाह पर जेठ के महीने में मेला लगने की परंपरा 16 वीं शताब्दी से चली आ रही है। इस बार सालाना उर्स पर वन विभाग द्वारा इस मेले पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बाबा लक्कड़शाह की दरगाह पहुंचने वाले दोनों मार्गों के नाकों पर बिछिया, निशानगाड़ा और मोतीपुर वन बैरियर पर ही जायरीनों को रोक दिया जा रहा है। मेले पर रोक के कारण लखीमपुर खीरी के गजियापुर गांव निवासी संजय पासवान अपने बेटे गोलू का मुंडन करवाने दरगाह पूरे परिवार के साथ जा रहे थे। इन्हें निशानगाड़ा वन बैरियर पर ही रोक दिया गया जिससे लोगों में मायूसी देखने को मिल रही है।
बाबा लक्कड़शाह की दरगाह पहुंचने वाले दोनों मार्गों के नाकों पर बिछिया, निशानगाड़ा और मोतीपुर वन बैरियर पर ही जायरीनों को रोक दिया जा रहा है। मेले पर रोक के कारण लखीमपुर खीरी के गजियापुर गांव निवासी संजय पासवान अपने बेटे गोलू का मुंडन करवाने दरगाह पूरे परिवार के साथ जा रहे थे। इन्हें निशानगाड़ा वन बैरियर पर ही रोक दिया गया जिससे लोगों में मायूसी देखने को मिल रही है।
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वहीं लक्कड़शाह मजार की मुख्य रास्ते पर ही वन विभाग, पुलिस व पीएसी की टीम तैनात है जो हिन्दू मुस्लिम समुदाय के जायरीनों को रोक रहे हैं। जियारत के लिए पहुंचे श्रावस्ती जनपद के भिन्गा निवासी बशीर अहमद, बहराइच निवासी मो. रिज़वान बहराइच, कुशीनगर निवासी नूर मोहम्मद, नेपाल निवासी मुन्नी शाबरी, राम शंकरपुर लखीमपुर खीरी निवासी रामलखन दरगाह के मुख्य मार्ग पर बैठे मिले जिन्होंने बताया कि उन्हें जियारत के व मान मनौती के लिए जाने दिया गया।



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