HPCL के पेट्रोल पंपों पर प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी का मकड़जाल
सन्तोष खाचरियावास @ अजमेर
देश की प्रतिष्ठित सरकारी तेल कम्पनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. यानी एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के लिए प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी ने अपना मकड़जाल फैलाया है। यहां ग्राहकों को फ्री गिफ्ट का लालच देकर बीमा पॉलिसी बेचने का ताना-बाना बुना जा रहा है।
एचपीसीएल के पेट्रोल पंप पर इन दिनों पेट्रोल-डीजल भरवाने वाले ग्राहकों को मुंबई की श्री राम लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी के फ्री गिफ्ट कूपन बांटे जा रहे हैं। ग्राहक कुछ समझ पाए इससे पहले ही उनके हाथ में फ्री कूपन थमा दिया जाता है और नाम एवं मोबाइल नंबर ले लिए जाते हैं। फ्री गिफ्ट के लालच में ग्राहक भी चुपचाप वह कूपन ले लेते हैं।
बधाई हो , आपका कूपन सलेक्ट हुआ है..
कूपन लेकर घर लौटने के एक-दो दिन बाद ही शुरू होता है ग्राहक फांसने का खेल। श्री राम लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी की तरफ से फोन आता है कि बधाई हो , आपका कूपन सलेक्ट हुआ है। आप अपना सरप्राइज गिफ्ट लेने के लिए अपनी पत्नी के साथ इनवाइट हैं। इसके लिए आपको वैशाली नगर में एक घण्टे का एनिवर्सरी सेलीब्रेशन और गिफ्ट डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम अटैंड करना है और फ्री सरप्राइज गिफ्ट लेना है।
...फिर चिपका देते हैं इंश्योरेंस पॉलिसी
फ्री गिफ्ट के लालच में जब ग्राहक अपनी पत्नी के साथ इस प्रोग्राम में पहुंचता है तो वहां दूसरे कई ग्राहकों की भीड़ मिलती है। फिर शुरू होता है सेमिनार। इसमें कम्पनी के कुशल वक्ता ग्राहकों को 'असुरक्षा की दुनिया' में ले जाते हैं।
कम्पनी का ग्राहकों को पत्नी के साथ बुलाने का एक ही मकसद होता है, इमोशनल ब्लैकमेलिंग। अगर भविष्य में आपको कुछ हो गया तो आपके बाद पत्नी और बच्चों का क्या होगा...उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए आप क्या करेंगे...आदि डायलॉग से ग्राहकों को भृमित कर आसानी से लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी बेच डालते हैं। बेचारा ग्राहक, फ्री गिफ्ट के लालच में इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदकर लौटता है और उस पल को कोसता है जब उसने एचपीसीएल के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाया था।
सरकारी कम्पनी को बढ़ावा क्यों नहीं
आमतौर पर पेट्रोल पंप परिसर में कोई अन्य व्यावसायिक गतिविधि या प्रमोशन नहीं किया जा सकता। लेकिन यहां एचपीसीएल के आला अफसरों और श्री राम इंश्योरेंस कम्पनी संचालकों की मिलीभगत से धड़ल्ले से यह खेल खेला जा रहा है। इस मार्केटिंग फंडे की आड़ में एचपीसीएल के ग्राहकों के मोबाइल नंबर भी इंश्योरेंस कम्पनी के पास पहुंच रहे हैं, यानी ग्राहक का डाटा भी निजी कम्पनियों के पास पहुंच रहा है।
एचपीसीएल के कोटा रीजनल मैनेजर ने कम्पनी के शहरी पेट्रोल पंप संचालकों को इस सम्बंध में आदेश जारी कर श्री राम लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी के दो-दो आदमियों को पेट्रोल पंप परिसर में ग्राहकों को कूपन बांटने की अनुमति देने को कहा है। आरएम का आदेश होने के कारण बेचारे पेट्रोल पंप संचालक भी जाने-अनजाने इस 'मार्केटिंग फिशिंग' के गुनहगार बन रहे हैं।
सरकारी इंश्योरेंस कम्पनी क्यों नहीं?
एचपीसीएल सरकारी कम्पनी है और उसे अगर किसी इंश्योरेंस कम्पनी को प्रमोट करना ही है तो सरकारी उपक्रम भारतीय जीवन बीमा निगम को बढ़ावा क्यों नहीं दे रही है? जाहिर है एचपीसीएल के अफसरों की मिलीभगत से ही प्राइवेट इंश्योरेंस कम्पनी के लिए ग्राहक फांसने का बंदोबस्त किया जा रहा है।






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