महाकुंभ में मौतों के बाद लिया सबक, अखाड़ों ने दिखाया बड़ा दिल
प्रयागराज। महाकुंभ में मंगलवार को मौनी अमावस्या पर बड़ा हादसा होने के बाद कुछ घण्टों के लिए जैसे हर कोई सहम गया। 30 लोगों की मौत सभी को सबक दे गई। हादसे के तत्काल बाद पुलिस ने हालात काबू कर लिए। कुछ घण्टे बाद ही सामान्य रूप से स्नान होने लगा।
सरकार ने पहले ही लगातार सलाह दे रही थी कि जिसे जहां जगह मिले, वही स्नान करके लौट जाएं, लेकिन मौनी अमावस्या पर संगम स्थल पर स्नान का लोभ लोग छोड़ नहीं पाए और इसी घाट के आसपास लोगों ने रात से ही डेरा डाल दिया।
संगम नोज के पास देर रात अफवाह फैलने से भगदड़ मच गई और इसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि दो दर्जन से अधिक के घायल होने की सूचना है। सरकार ने 17 घण्टे तक मृतकों का आंकड़ा छिपाए रखा। घायलों को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों में से कई की पहचान हुई है जो प्रयागराज के अलावा बिहार, झारखंड, कोलकाता के रहने वाले थे।
17 घण्टे बाद मौतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने अपने बयान में बैरिकेडिंग फांदकर आने में कुछ श्रद्धालुओं के चोटिल होने और उनमें से कुछ की हालत गंभीर होने की बात बताई है। घटना रात एक से दो बजे के बीच हुई। मोर्चरी पहुंचे मृतकों के परिजनों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग स्नान के लिए संगम नोज की ओर बढ़ रहे थे। वह पोल नंबर 11 से 17 के बीच थे तभी अचानक बहुत तेज गति में पीछे से भीड़ का रेला आया।
कुछ लोग संभल नहीं सके और नीचे गिर पड़े तो भीड़ उन्हें रौंदते हुए बढ़ने लगी। वहां चीखपुकार मच गई। अपनों को बचाने में कई और लोग भगदड़ की चपेट में आ गए। पुलिसकर्मी जब तक स्थिति नियंत्रित कर पाते तब तक दर्जनों लोग अचेत हो चुके थे जबकि कुछ ऐसे भी लोग थे जो होश में तो थे लेकिन वह कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे।
दौड़ने लगी एम्बुलेंसें
सूचना पर एंबुलेंस पहुंचने लगीं और फिर एक-एक कर हताहतों को मेले के केंद्रीय चिकित्सालय ले जाया गया। यहां मृत घोषित किए जाने के बाद उनके शव मेडिकल कॉलेज स्थित मर्चरी ले जाए गए। उधर 24 घायलों को पहले मेला क्षेत्र स्थित चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद इन सभी को एसआरएन में ले जाया गया जहां उनका इलाज जारी है।
अचानक पीछे से आई भीड़ बनी वजह
जिन मृतकों की पहचान हुई, उनमें से ज्यादातर के परिजन का कहना है कि अचानक पीछे से तेजी से भीड़ आने की वजह से भगदड़ मची। उधर कुछ अन्य वजहें भी चर्चा में रही, जिनमें से एक यह रही कि भीड़ में शामिल कुछ युवक शोर मचाते हुए आगे बढ़े। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। कहा जा रहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
अखाड़ों ने अमृत स्नान का समय आगे बढ़ायाउधर घटना के बाद अखाड़ाें ने भीड़ के दबाव को देखते हुए अमृत स्नान के समय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने मेला प्रशासन से कहा कि देश भर से आए श्रद्धालु पहले स्नान करेंगे। इसके बाद वह स्नान के लिए जाएंगे। हालात सुधारने के बाद अखाड़ों ने सुबह 11 बजे बाद स्नान किया। यानी अखाड़ों ने बड़ा दिल दिखाया और व्यवस्था से सहयोग करते हुए आमजन के बाद स्नान किया।
पीएम ने सीएम से ली जानकारी, चार बार की फाेन पर बात
जानकारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से चार बार फोन पर बात की और हताहतों की मदद के संंबंध में दिशा-निर्देश दिए। गृहमंत्री अमित शाह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी सीएम से बात की। इसके साथ ही सीएम ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर हाईलेवल मीटिंग भी बुलाई। इसमें मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी के साथ ही एडीजी कानून व्यवस्था शामिल रहे।
अचानक पीछे से आई भीड़ बनी वजह
जिन मृतकों की पहचान हुई, उनमें से ज्यादातर के परिजन का कहना है कि अचानक पीछे से तेजी से भीड़ आने की वजह से भगदड़ मची। उधर कुछ अन्य वजहें भी चर्चा में रही, जिनमें से एक यह रही कि भीड़ में शामिल कुछ युवक शोर मचाते हुए आगे बढ़े। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। कहा जा रहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
उधर घटना के बाद अखाड़ाें ने भीड़ के दबाव को देखते हुए अमृत स्नान के समय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने मेला प्रशासन से कहा कि देश भर से आए श्रद्धालु पहले स्नान करेंगे। इसके बाद वह स्नान के लिए जाएंगे। हालात सुधारने के बाद अखाड़ों ने सुबह 11 बजे बाद स्नान किया। यानी अखाड़ों ने बड़ा दिल दिखाया और व्यवस्था से सहयोग करते हुए आमजन के बाद स्नान किया।
पीएम ने सीएम से ली जानकारी, चार बार की फाेन पर बात
जानकारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से चार बार फोन पर बात की और हताहतों की मदद के संंबंध में दिशा-निर्देश दिए। गृहमंत्री अमित शाह, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी सीएम से बात की। इसके साथ ही सीएम ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर हाईलेवल मीटिंग भी बुलाई। इसमें मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी के साथ ही एडीजी कानून व्यवस्था शामिल रहे।




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