पुलिस का छापा : घर में मिले 12 बच्चे, धर्मांतरण की आशंका
मकान मालिक शुक्ला पर आरोप है कि वह बच्चों को अपने घर में रखकर ईसाई धर्म की शिक्षा दे रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि ये बच्चे किराएदार हैं और उनके अभिभावकों से किराया अनुबंध किया गया है। 12 बच्चों में से दो मंडला, तीन बिजावर रामगढ़ (छतरपुर) और सात झाबुआ के हैं। इन बच्चों के रिश्तेदार राजपुर क्षेत्र में रहते हैं, जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई और रहने की व्यवस्था के लिए संपर्क किया था।
धर्मांतरण के आरोपों पर शुक्ला का कहना है कि बच्चों के माता-पिता पहले से ही क्रिश्चियन हैं, इसलिए धर्मांतरण का सवाल ही नहीं उठता। बाल आयोग के पूर्व सदस्य दीपक तिवारी ने बताया यहां पर जिले से बाहर और प्रदेश से बाहर के बच्चों को अवैधानिक रूप से रखा गया था और यह जानकारी मिली थी कि बच्चों को क्रिश्चिन की शिक्षा दी जा रही थी। जिसके बाद आयोग ने पत्र जारी किया था।
कोतवाली टीआई आनंद राज ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के पत्र के बाद यह कार्रवाई की गई है। हम जांच कर रहे हैं कि क्या इस तरह के हॉस्टल का कोई रजिस्ट्रेशन है।



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