धर्म के लिए बलिदान हुए थे स्वामी श्रद्धानन्द
अजमेर। जो समाज अपने महापुरुषों की शिक्षाओं को याद कर अपने आचरण में नहीं लाता वह समाज धीरे धीरे पतित हो जाता है। यह बात वैदिक प्रवक्ता रमेश चंद्र आर्य ने नगर आर्य समाज के हरिभाऊ उपाध्याय नगर वितार स्थित सत्संग भवन में कही।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज से जुड़कर जिसने अपना सर्वस्व वैदिक राष्ट्र निर्माण, कन्या शिक्षा व गुरुकुल शिक्षा को बढ़ाने में, छुआछूत व जात पात का भेद मिटाने के लिए समर्पित कर दिया, ऐसे कल्याण मार्ग के पथिक स्वामी श्रद्धानंद के महान कार्यों का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि वे धर्म के लिए बलिदान हुए।
इससे पूर्व रमेश चंद्र आर्य के ब्रह्ममत्व में ब्रह्मयज्ञ व देवयज्ञ सम्पन्न हुआ। श्रीमती रेखा गुप्ता व श्रीमती मोहनी देवी ने भजन प्रस्तुत किए। श्री आदर्श वर्धन त्यागी ने ऋषि दयानंद के जीवन चरित्र का वाचन किया।
इस अवसर पर श्री प्रदीप गुप्ता, श्रीमती पद्मा शर्मा, श्रीमती कमलेश शर्मा, मुकेश माहेश्वर, सुरेन्द्र सिंह चूण्डावत इत्यादि मौजूद रहे।



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